जिया जब उन्हें जवाब देती है तो तब दादी जी एक दम बौखला जाती है और वो और कुछ बोलने जाती है कि तभी राम रघुवंशी गुस्से से गरजते हुए बोलते है जल्दी से तैयार होकर लिविंग रूम में आओ और इतना बोलने के साथ सारे फैमिली मेंबर को वहां से लेकर लिविंग रूम में चले जाते हैं
वही जिया उनकी बातों को बुरी तरह से इग्नोर कर देती है और उसे तो पहले बहुत जोरों की भूख लगी थी इसीलिए जिया के यादों से किचन का रास्ता याद करके सीधा जिया किचन में चली जाती है और अपने लिए फ्रिज में कुछ खाने के लिए ढूंढने लगती है ताकि उसे कुछ खाने को मिल जाए मगर फ्रिज में उसे कुछ नहीं मिलता है तब उसे फ्रिज में उबले हुए आलू और गूंथे हुए आटा मिलता है जिसे देखकर जिया काफी ज्यादा खुश होती है
और जल्दी-जल्दी अपने लिए आलू के पराठे बनने लगती है वही दूसरी तरफ लिविंग रूम में सब लोग जिया का ही इंतजार कर रहे थे ताकि वह रेडी होकर लिविंग रूम में आएगी मगर हमारी जिया तो अपने लिए आराम से आलू के पराठे बना रही थी और यह लोग गुस्से में आग बबूला हो रहे थे कि आखिर यह लड़की अब तक आई क्यों नहीं इसे आने में इतनी देरी हो क्यू रही है
राम कपूर गुस्से में एक नौकर को बोलते हैं जल्दी से जाकर उस बदतमीज लड़की को लेकर के आओ और फिर दूसरे नौकर को अपने स्टडी रूम में भेजते हैं ताकि वहां से वह लोग वहां से उनके हंटर लेकर आए वही जब पहले नौकर जिया को ढूंढने के लिए जाता है तो देखता कि किचन में आराम से अपने लिए ब्रेकफास्ट बना रही है तब वह बदतमीजी से जिया से बोलता है ए बदतमीज लड़की जल्दी से चलो मालिक तुम्हें बुला रहे है लिविंग रूम में वह यह सब बातें बड़े ही एटीट्यूड में बोल रहा था और हुकुम देने वाले लहजे में बोलता है
यह सुनकर जिया का तो दिमाग अपने जगह से खिसक जाता है और बिना किसी की फिक्र किया और उसके बातों को अनसुना करते हुए वह गुस्से में नौकर के सर को पड़कर सीधा सिलेब से लगा देती है जिससे उस नौकर का सर हट जाता है और वहां से फुहारे की तरह खून निकलने लगता है मगर इससे हमारे जिया को कोई भी फर्क नहीं पड़ता है और वह एक और घुसा बनाकर उसके पेट में मार कर किचन के दरवाजे से बाहर फेंक दती है
वही वह नौकर बिना किसी को आवाज दिए हैं वहीं बेहोश होकर पड़ जाता है जिससे किसी को भी यह अहसास तक नहीं होता है कि आखिर वहां पर हो क्या रहा है वही आराम से हमारे जिया अपने लिए आलू।के पराठे बनती है और आराम से उसी सिलाव पर बैठकर खाने है अभी हमारे जिया एक ही पराठा को खाई होती है कि तभी वहां पर किसी के गरजने की आवाज आती है मगर इससे भी हमारे जिओ को कोई भी फर्क नहीं पड़ता है
वह उन सारे लोगों को ऐसे इग्नोर कर रही थी कि जैसे वो लोग वहां पर है ही नहीं वही राम रघुवंशी अभी भी चीख चिल्ला रहे थे और नौकरों को यह आदेश दे रहे थे कि जल्द से जल्द उस बदतमीज लड़की को हमारे पास लेकर आओ नहीं तो आज मैं उसे जिंदा नहीं छोड़ने वाला हूं वही जब नौकर डरते हुए और ढूंढते हुए जिया को किचन के तरफ जाता है तो उसके मुंह से एक जोरदार चीख निकल जाती है क्योंकि उसने अपने साथी का बहुत ही बुरी कंडीशन में देख लिया था
वही सब लोग नौकर की चीख सुनते ही दौड़कर वहां पर आने लगते हैं कि आखिर यहां पर हो क्या रहा है कहीं फिर से जिया ने किसी का बुरा तो नहीं कर दिया है यही सोच कर सब लोग दौड़ते हुए वहां पर आते हैं और जब राम रघुवंशी नौकर की ऐसी बुरी हालत देखते हैं तो पहले उसे अस्पताल भेजते हैं उसे दूसरे नौकर के साथ
फिर गुस्से में गरजते हुए जिया के पास जाने लगते हैं वही ये सब देखकर कविता काफी ज्यादा खुश हो रही थी कि अब मजा आएगा जब डैड इसे चाबुक से इसकी खाल उधेड़ लेंगे उसके बाद बड़ी ये आज हीरोइन बन रही है आज पता चलेगा इसे रघुवंशी फैमिली का गुस्सा
अब क्या होगा आगे पढ़ते हैं अगले चैप्टर में
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